7 Best प्लास्टिक बिजनेस आइडियाज

दोस्तो हम एक दिन में बहुत सारी प्लास्टिक प्रोडक्ट का इस्तमाल करते हैं। भारत में पूरे साल में एक व्यक्ति लगभग 9.7 किलो प्लास्टिक का इस्तेमाल करता है और अमेरिका जैसे विकसित देशों में हर साल एक व्यक्ति लगभग 109 किलो प्लास्टिक का इस्तेमाल करता है। दिन प्रतिदिन प्लास्टिक की डिमांड भी बढ़ रही है और प्लास्टिक इंडस्ट्री का ग्रोथ सालाना 8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट के साथ बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

7 मुनाफे वाले प्लास्टिक बिजनेस आइडियाज

दोस्तो आज मैं आपको प्लास्टिक इंडस्ट्री से जुड़े 7 प्लास्टिक बिजनेस आइडियाज बताऊंगा और इस मुद्दे को अंत तक जरूर रखें। मैं आपको हर एक बिजनेस को शुरू करने के लिए कौन सी मशीन चाहिए वह भी बताऊंगा।

#1 प्लास्टिक टॉय बिज़नेस

सबसे पहले नंबर पर है प्लास्टिक टॉय बिज़नेस। दोस्तो आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे देश में 85 प्रतिशत खिलौनों को चाइना से आयात किया जाता है। फिलहाल भारत में ज्यादातर चाइनीज प्रोडक्ट पर बैन लगा है। हमारे प्रधानमंत्री ने ‘लोकल फॉर वोकल’ का नारा दिया है जिसे आज लोग ज्यादातर भारत की प्रोडक्ट्स को इस्तमाल करते हैं।

दोस्तो प्लास्टिक के खिलौने बनाने के लिए दो तरह के मशीन का इस्तेमाल होता है। ब्लो मोल्डिंग मशीन और दूसरा है इन्जेक्शन मोल्डिंग मशीन। प्लास्टिक बैट बनाने के लिए मशीन में एचडीपी प्लास्टिक दाने को डाला जाता है। बाद में हिटिंग प्रॉसेस से प्लास्टिक के दाने पेस्ट में कन्वर्ट हो जाते हैं और स्क्रू बैरल के जरिए आगे बढ़ते हैं।

बाद में पेस्ट को बैट के आकार में मोल्ड भरा जाता है और उसमें प्रेशर से हवा भरी जाती है। अब तैयार हुए बैट के कोने को काट दिया जाता है अब प्लास्टिक का बैग तैयार है। ऐसे इस मशीन में आप प्लास्टिक की कैन बना सकते हैं। आप एक ही मशीन में मोल्ड को बदल के अलग अलग शेप साइज और कलर के खिलौने बना सकते हैं।

दोस्तो ब्लो मोल्डिंग मशीन से आप प्लास्टिक बोल, पैड, स्टाम्प आदि जैसे कई सारे खिलौने बना सकते हैं और इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन में आप प्लास्टिक की कार जैसी भी बाइक किचन सेट आदि कई सारे खिलौने बना सकते हैं।

यह बिजनेस में 17 से 20 लाख रुपये का इनवेस्टमेंट करना पड़ेगा। दो स्किल वर्कर की आवश्यकता रहेगी। इस बिजनेस में एसडीपी, एचआईपीएस और पीवीसी रॉ मटेरियल का इस्तेमाल होता है। अगर आपके पास इन्वेस्टमेंट कम है तो आप होलसेल toy सेलिंग बिजनेस भी कर सकते हैं।

#2 प्लास्टिक बॉटल बिज़नेस

दूसरे नंबर दो पर है प्लास्टिक वॉटर बिजनेस। यह बिजनेस को आप कम जगह पर कम लागत पर और फुली आटोमेटिक मशीन के साथ शुरू कर सकते हैं। बोतल बनाने के लिए ब्लो मोल्डिंग मशीन का इस्तेमाल होता है। मेडिकल इंड्रस्टी के लिए सेनिटाइजर बोर्ड ने फूड इंडस्ट्री के लिए सॉस की बोतलें और मसाले की बोतलें, ऐग्रिकल्चर इंडस्ट्री के लिए पेस्टिसाइड की बोतलें बना सकते।

इस मशीन का सबसे बड़ा बेनिफिट ये कि आप सिर्फ एक मशीन में मोल्ड को बदल के अलग अलग शेप साइज और कलर की बोतले बना सकते हो।दोस्तो आप देखते हैं कि प्लास्टिक की बोतलें बनती कैसे हैं।

सबसे पहले HDP प्लास्टिक के दाने को मशीन के हॉपर में डाला जाता है। बाद में प्लास्टिक के दाने पेस्ट में कन्वर्ट हो जाते हैं। अब तैयार हुवा पेस्ट मोल्ड में आता है और मोल्ड के हिसाब से ऑटोमेटिक बोतल फिनिशिंग के साथ बन जाती है। इसके अलावा आप इसे प्लास्टिक के कैन बना सकते हैं।
बच्चे हुए प्लास्टिक वेस्ट को आप फिर से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए प्लास्टिक श्रेडिंग मशीन का इस्तेमाल होता है।

यह बिजनेस को शुरू करने में आपको 12 से 15 लाख तक इनवेस्टमेंट करना पड़ेगा इसके अलावा आपको एक स्किल्ड और अनस्किल्ड वर्कर की आवश्यकता पड़ेगी। अगर आपके पास इन्वेस्टमेंट कम है तो आप होलसेल बोतल सेलिंग बिजनेस भी कर सकते हैं।

#3 Household product manufacturing business

नंबर तीन आप सुबह से लेकर शाम तक बहुत सारी प्लास्टिक प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं। जैसे कि बाल्टी कंघी प्लास्टिक का फूलदान प्लास्टिक के बर्तन। तो दोस्तो क्या आपने कभी सोचा है कि आप प्लास्टिक के प्रोडक्ट का बिजनेस भी शुरू कर सकते हो या बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको प्लास्टिक इन्जेक्शन मोल्डिंग मशीन की आवश्यकता पड़ेगी। या मशीन अलग साइज और ऑटोमेशन के साथ आते हैं जिसमें आप मोल्ड चेंज करके अलग अलग प्रोडक्ट को बना सकते हैं।

इन्जेक्शन मोल्डिंग मशीन जहां पर हम प्लास्टिक के डिस्पोजेबल चम्मच बना रहे हैं यहां पर बन रही प्लास्टिक की चम्मच में पॉलिशट्रिन रॉ मटेरियल का इस्तेमाल हुआ है। जिसे आप देख रहे हैं कि मशीन फूली आटोमेटिक है इसमें आपको एक स्किल्ड वर्कर की आवश्यकता पड़ेगी।

इसके अलावा 400 से 500 जगह की आवश्यकता पड़ेगी तो ये बिजनेस में 17 से 20 लाख रुपए का इनवेस्टमेंट करना पड़ता है। आप ये मशीन में अलग अलग मेटल का इस्तेमाल करके अलग अलग प्रोडक्ट बना सकते हो। इसमें एचडीपी, पीपी यानी की पॉली प्रोब लाइन, पीओएम यानि की पॉली ऑक्सी मिथायलीन जैसे मटेरियल का इस्तेमाल होता है जो मार्केट में आसानी से मिलता है। जो आप ये एक ही मशीन से प्लास्टिक बोतल, कैप्स, डिस्पोजेबल प्लेट्स, डिस्पोजेबल चम्मच प्लास्टिक की बालटी और दूसरे कई प्रोडक्ट बना सकते हो।

दोस्तो प्लास्टिक की प्रोडक्ट की डिमांड कभी भी कम नहीं होने वाली तो आपके लिए बिजनेस शुरू करने के लिए एक अच्छा आइडिया हो सकता है। आप अपने खुद के प्रोडक्ट भी बना सकते हैं और दूसरी कंपनी के साथ कॉन्ट्रेक्ट करके उसकी प्रोडक्ट भी बना सकते हैं। अगर आपके पास इन्वेस्टमेंट कम है तो आपको होलसेल प्लास्टिक प्रोडक्ट सेल बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं।

#4 प्लास्टिक पाइप मैनुफैक्चरिंग बिजनेस

दोस्तों नंबर 4 पर है प्लास्टिक पाइप मैनुफैक्चरिंग बिजनेस। प्लास्टिक पाइप कई तरह की आतें जैसे कि यूपीवीसी पाइप, सीपीवीसी पाइप फ्लैक्सिबल पाइप और हरेक पाइप का इस्तेमाल अलग अलग जगहों पर होता है। जैसी कृषि में सिचाई के लिए घरों में पानी सप्लाई के लिए इंडस्ट्री में वाटर सप्लाई के लिए और सिविल की डिमांड भी बहुत ज्यादा होती है।

प्लास्टिक पाइप एक्सट्रूडर मशीन में बनाए जाते हैं। एक्सट्रूडर मशीन में हॉपर में रॉ मटेरियल को डाला जाता है। अब यह मटेरियल डाई के हिसाब से पाइप में कनवर्ट हो रही है। आप डाई को बदल के अलग अलग शेप साइज और कलर की पाइप बना सकते हो। फिर बाद में प्लास्टिक की पाइप को पानी से ठंडा किया जाता है और आगे ट्रैक्शन मशीन में भेज दिया जाता है या पाइप के शेप को बदलने से रोकता है।

बाद में पाइप में कंपनी के लोगो की प्रिंटिंग की जाती है। ऑटोमेटिक मशीन पाइप को कट करता है और पाइप एक जगह पर इकट्ठा होती है। दोस्तों जिसे आपने देखा पूरा प्लांट ऑटोमेटिक है।

दोस्तो इसके अलावा फ्लैक्सिबल पाइप और पीवीसी होज पाइप का भी बिजनेस शुरू कर सकते हैं। ये पाइप का इस्तेमाल गार्डन में ज्यादा होता है। यहां पर रॉ मटेरियल और पीवीसी रेजिन को मिक्स किया जाता है उसके बाद एक्सट्रूडरमशीन में पीवीसी पाइप बनती है तो इसको पैक करके बाजार में बेच दिया जाता है।

और दूसरा है पीवीसी होज पाइप थोड़ी सख्त होती है इसे सप्लाई के लिए और इंडस्ट्रीज में इस्तेमाल होती है। यह बिजनेस शुरू करने के लिए 40 से 50 लाख इनवेस्टमेंट की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अलावा दो स्किल्ड वर्कर की और एक हजार स्क्वेयर मीटर जगह की आवश्यकता पड़ेगी।

#5 प्लास्टिक प्रोफाइल मेकिंग बिजनेस

नंबर पांच पर है प्लास्टिक प्रोफाइल मेकिंग बिजनेस। दोस्तो आपने कई जगह में प्लास्टिक के डोर प्लास्टिक के दरवाजे प्लास्टिक की खिड़कियां प्लास्टिक के पीओपी को देखा होगा। ये प्रोडक्ट वजन में हल्के होते हैं। लंबे समय तक टिकाऊ होते हैं और इसमें दीमक की परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ता और यही वजह है कि लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं।

ये सभी प्रोडक्ट को आप प्लास्टिक एक्सट्राडर मशीन में बना सकते हैं। ये मशीन आपको 10 से 12 लाख तक का इनवेस्टमेंट करना पड़ेगा और ये मशीन फुली ऑटोमेटिक आती है और यह एक नई तरीके का सबसे अच्छा बिजनेस है।

#6 प्लास्टिक बैग प्रिंटिंग बिजनेस

प्लास्टिक बैग प्रिंटिंग बिजनेस। आज बड़ी बड़ी खाद कंपनियां शुगर कंपनी और कई कंपनियां हैं जो अपने प्रोडक्ट को पूरा करने के लिए प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन दोस्तो क्या आपको पता है कि कंपनी खुद प्लास्टिक बैग्स नहीं बनाती। ये अपने प्रोडक्ट को पैक करने के लिए दूसरी कंपनियों के पास से प्लास्टिक बैग बनवाते हैं और मार्केटिंग के लिए प्रिंटिंग भी दूसरे जगह पर करवाते है। इसके लिए बैग प्रिंटिंग मशीन में बैग को प्रिंट किया जाता है।

प्रिंटिंग की ये जरूरत के मुताबिक अलग अलग कलर का सॉल्वेंट बेस्ड फ्लैक्स इस्तेमाल होता है। बिजनेसमैन 3000 स्क्वेयर फुट जगह की आवश्यकता रहती है। यह बिजनेस लगभग 5 से 7 लाख रुपए में चल जाता है। यह मशीन में तीन लेयर कलर आते हैं और यह मशीन 8 घंटे में 15 हजार प्लास्टिक बैग को प्रिंट कर सकती है।

दोस्तो अगर आप ये बिजनेस बड़े पैमाने पर करना चाहते हैं तो आपको रोटोग्रावुर प्रिंटिंग मशीन की आवश्यकता पड़ेगी।

#7 प्लास्टिक टैंक मैनुफैक्चरिंग बिजनेस

सातवें नंबर पर है प्लास्टिक टैंक मैनुफैक्चरिंग बिजनेस। दोस्तो प्लास्टिक के टैंक का इस्तेमाल आजकल ज्यादा होने लगा है क्योंकि ये हाइजेनिक होता है इकोनॉमिकल होता है। ट्रांसपोर्टेशन और इंस्टॉलेशन बहुत आसान होता है। टैंक कई तरह तरह की आतें है जैसे कि पानी के टैंक, क्रूड आयल पेट्रोल डीजल गैसोलीन कलर और ग्रीस की टैंक और इसका इस्तेमाल भी अलग अलग जगहों पर होता है।

प्लास्टिक के टैंक बनाने के लिए रोटो मोल्डिंग मशीन का इस्तेमाल होता है जो मशीन के डाई बदल के अलग अलग साइज, लेयर, शेप और कलर के टैंक बनाए जा सकते हैं। रोटर मोल्डिंग मशीन में आप एलएलबी मटेरियल को सबसे पहले डाला जाता है। इसके साथ साथ मास्टर बेंच भी डाली जाते हैं तो टैंक को कलर देने में मदद करता है।

बाद में प्लास्टिक को पेंट में कन्वर्ट करने के लिए एलपीजी गैस से हीट दी जाती है। ये मशीन से सिंगल एयर डबल लेयर और अलग अलग लेयर के टैंक बना जाते हैं। बाद में मोल्ड को ठंडा किया जाता है और फिर बाद में टैंक को मोल्ड से बाहर निकाला जाता है। इसे मशीन और दूसरे एक्सपेंसेज को मिलाकर एक करोड़ 50 लाख से ज्यादा इनवेस्टमेंट करना पड़ता है लेकिन दोस्तों बिजनेस बड़ा हुआ तो मुनाफा भी बड़ा होगा।

दोस्तो आप एक मशीन से डेली के 40 टैंक बना सकते हो और 500 लीटर टैंक से आपको 2000 रुपये का मुनाफा होता है। यानी ये हर महीने 24 लाख का प्रॉफिट होगा। ये मशीन फुली आटोमेटिक आती है। लेकिन स्टोरेज और हैंडलिंग के लिए ज्यादा मैनपावर और ज्यादा जगह की आवश्यकता पड़ेगी। एक बड़ा बिजनेस आइडिया है अगर आप बिजनेस करते हों तो आपको अच्छा प्रॉफिट भी होगा और इसकी डिमांड भी ज्यादा है।

दोस्तो ये थे प्लास्टिक इंडस्ट्री से जुड़े 7 प्लास्टिक बिजनेस आइडियाज। अगर आप ऐसी पोस्ट देखना चाहते हैं तो आपके सुझावों में कमेंट में जरूर बताएं रिप्लाई करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर भी करें।

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