Stories परीक्षा / Pariksha Book PDF Download

परीक्षा / Pariksha Book PDF Download

परीक्षा / Pariksha Book PDF Download
Pages
Category Stories Stories
Report

3.5 Rating (562) Votes

Report

 परीक्षा / Pariksha Book PDF Download Free in this Post from Google Drive Link and Telegram Link , No tags for this post. All PDF Books Download Free and Read Online, परीक्षा / Pariksha Book PDF Download PDF , परीक्षा / Pariksha Book PDF Download Summary & Review. You can also Download such more Books Free -

Description of परीक्षा / Pariksha Book PDF Download

Name  परीक्षा / Pariksha Book PDF Download
Author  Invalid post terms ID.
Size   2.2 MB
Pages  13
Category  Stories
Language  Hindi
Download Link  Working


मुंशी प्रेमचन्द की गिनती हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ कहानी-लेखकों में की जाती है । 1880 में उनका जन्म वाराणसी के एक छोटे से गांव लमही में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका घर का नाम धनपतराय था। स्कूल में अध्यापन का कार्य करते हुए उन्होंने कहानियां और उपन्यास लिखने शुरू किये। उन्होंने सैकडों कहानियों और एक दर्जन के लगभग उपन्यास लिखे जिनमें से गोदान, गबन, सेवासदन, रंगभूमि, कायाकल्प और निर्मला बहुत प्रसिद्ध हैँ। 1936 में उनका देहान्त हुआ। उनकी चुनी हुई रोचक, सरल कहानियां चित्रों सहित प्रकाशित की गई हैं।

 

Summary of book परीक्षा / Pariksha Book PDF Download


नादिरशाह की सेना ने दिल्ली में कत्लेआम कर रखा है। गलियों में खून की नदियाँ बह रही हैं। चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। बाजार बन्द हैं। दिल्ली के लोग घरों के द्वार बन्द किये जाने की
खैर मना रहे हैं। किसी की जान सलामत नहीं है। कहीं घरों में आग लगी हुई है, कहीं बाजार लुट रहा है; कोई किसी की फरियाद नहीं सुनता। रईसों की बेगमें महलों से निकाली जा रही हैं और उनकी बेहुरमती की जाती है। ईरानी सिपाहियों की रक्तपिपासा किसी तरह नहीं बुझती। मानव हृदय की क्रूरता, कठोरता और पैशाविकता अपना विकराल रूप धारण किये हुए हैं। इसी समय नादिरशाह ने बादशाही महल में प्रवेश किया।
दिल्ली उन दिनों भोगविलास की केन्द्र बनी हुई थी। सजावट और तकल्लुफ के सामानों से रईसों के भवन भरे रहते थे। स्त्रियों को बनाव-सिंगार के सिवा कोई काम न था। पुरुषों को सुख भोग के सिवा और कोई चिन्ता न थी। राजनीति का स्थान शेरो-शायरी ने ले लिया था। समस्त प्रान्तों से धन खिंच खिंचकर दिल्ली आता था और पानी की भाँति बहाया जाता था । वेश्याओं की चाँदी थी। कहीं तीतरों के जोड़ होते थे, कहीं बटेरों और बुलबुलों की पालियाँ ठनती थीं। सारा नगर विलास-निद्रा में मग्न था। नादिरशाह शाही महल में पहुँचा तो वहाँ का सामान देखकर उसकी आँखें खुल गयीं। उसका जन्म दरिद्र-घर में हुआ था। उसका समस्त जीवन

We have given below the link of Google Drive to download in परीक्षा / Pariksha Book PDF Download Free, from where you can easily save PDF in your mobile and computer. You will not have to pay any charge to download it. This book is in good quality PDF so that you won't have any problems reading it. Hope you'll like our effort and you'll definitely share the परीक्षा / Pariksha Book PDF Download with your family and friends. Also, do comment and tell how did you like this book? 

Q. Who is the author of the book परीक्षा / Pariksha Book PDF Download?
Answer. No tags for this post.

Download

Recommended for you

There are no comments yet, but you can be the one to add the very first comment!

Leave a comment